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इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए इंदौर को दी 800 करोड़ से अधिक की सौगात
स्वच्छ जल अभियान के तहत अमृत 2.0 योजना की ऐतिहासिक परियोजना का किया भूमिपूजन
इंदौर, 14 जनवरी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज इंदौर देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला शहर बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़, आधुनिक एवं दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में स्वच्छ जल अभियान के अंतर्गत अमृत 2.0 इंदौर जलप्रदाय योजना (पैकेज–1) के तहत 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित जलप्रदाय परियोजना का विधिवत भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित जल-जनित घटना ने सभी को पीड़ा पहुँचाई है। उन्होंने इस घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि तिल-तिल करके आगे बढ़ने का संकल्प है। जैसे इस दिन से सूर्य उत्तरायण होता है और प्रकाश बढ़ता है, वैसे ही इंदौर निरंतर प्रगति, विकास और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि आज इंदौर देश का सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला शहर बन चुका है। विकास, स्वच्छता, उद्योग, व्यापार और सुशासन के क्षेत्र में इंदौर ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, जिस पर पूरे मध्यप्रदेश को गर्व है। आज प्रदेश का हर जिला इंदौर जैसा बनना चाहता है।
उन्होंने कहा कि कठिन समय में सरकार, नगर निगम और प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों के साथ खड़े रहकर हरसंभव प्रयास किए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपदा के समय राजनीति करना इंदौर स्वीकार नहीं करेगा। सकारात्मक और रचनात्मक विपक्ष लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन पीड़ा पर राजनीति करना सर्वथा अनुचित है। नर्मदा जल परियोजनाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मालवा और निमाड़ क्षेत्र को नर्मदा जल से जोड़ने के लिए वर्षों संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर बांध को पूर्ण कर देश को जल सुरक्षा देने का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जाता है। इसके माध्यम से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश में आज 56 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो सकी है।
उन्होंने नदी जोड़ो परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्वती–कालीसिंध–चंबल परियोजना राजस्थान और मध्यप्रदेश के लिए वरदान सिद्ध होगी। केन–बेतवा नदी जोड़ो अभियान पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक गांव और प्रत्येक शहर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि इंदौर की पहचान उसकी संघर्षशील जनता, अदम्य हौसलों और विकासशील सोच से है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के पूर्ण सहयोग से इंदौर आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर आगे बढ़ेगा, सरकार पूरी मजबूती से इंदौर के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम के पूर्व जीवन दायिनी मां नर्मदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन-अर्चन किया। उन्होने सभागृह परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए।
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इंदौर में नर्मदा के जल आंदोलन तथा नर्मदा के जल लाने की संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इंदौर का ऐतिहासिक जनआंदोलन था। उन्होंने कहा कि नर्मदा जल परियोजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि इंदौर की जनशक्ति और संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि नर्मदा नहीं आती, तो इंदौर आज जिस रूप में है, वह कभी नहीं बन पाता। उन्होंने इंदौर की स्वच्छता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यहां की पहचान केवल विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता से बनी है। देर रात तक शहर की सफाई में जुटने वाले सफाई कर्मी इंदौर की असली ताकत हैं। इंदौर की स्वच्छता पर हम सबको गर्व है। उन्होंने कहा कि सुबह-सुबह घरों से कचरा गाड़ियों में स्वयं नागरिकों द्वारा कचरा डालना इंदौर की जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर नंबर वन था, इंदौर नंबर वन है और इंदौर नंबर वन रहेगा। नर्मदा, स्वच्छता और जनता के स्वाभिमान से बनी इंदौर की आन-बान-शान को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसी संकल्प को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में साकार रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह विकास केवल अधोसंरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संसाधन और रोजगार के क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित कर रहा है।
महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इंदौर के भविष्य की जल-आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 1100 करोड़ रुपये की योजना को दूरदृष्टि के साथ 2400 करोड़ रुपये तक विस्तार दिया। यह निर्णय आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। आज की भूमिपूजित परियोजना केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत 10 वर्षों का संचालन एवं संधारण (O&M) भी शामिल है। इससे शहर को लंबे समय तक सुचारु, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। परियोजना पूर्ण होने पर इंदौर की वर्तमान एवं भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति संभव होगी। यह परियोजना इंदौर को स्वच्छ, पर्याप्त और भरोसेमंद पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ जलूद एवं ग्राम भकलाय क्षेत्र में 1650 एम.एल.डी. क्षमता का नवीन इन्टेकवेल, 2235 एम.एम. व्यास की रॉ-वाटर एवं क्लीयर-वॉटर पम्पिंग मेन का निर्माण, निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु 11 के.व्ही., 33 के.व्ही. एवं 132 के.व्ही. विद्युत सब-स्टेशन, उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 400 एम.एल.डी. क्षमता का आधुनिक जलशोधन संयंत्र तथा जल-दबाव संतुलन हेतु 12 एम.एल.डी. क्षमता का ब्रेक प्रेशर टैंक का निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इंदौर ने संघर्ष, अनुशासन और जनभागीदारी से अपनी पहचान बनाई है—और इंदौर नंबर वन था, है और रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर जनता के सहयोग से शहर निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना विश्वास, संकल्प और दूरदृष्टि का प्रतीक है—जो इंदौर के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करेगी। कार्यक्रम को विधायक श्री मधु वर्मा ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, श्री मधु वर्मा, श्री महेन्द्र हार्डिया तथा श्री मनोज पटेल, श्री सुमित मिश्रा, श्री श्रवण चावड़ा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल, पूर्व महापौर श्री कृष्ण मुरारी मोघे, श्री प्रताप करोसिया, महापौर परिषद के सदस्यगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


